कोलकाता में पहला मियावाकी फॉरेस्ट

कोलकाता, (नि.स)l जंगल दुनिया भर में नष्ट हो रहे हैं. ऐसे में एक सवाल ये है, जंगलों को सुरक्षित करना है, इन्हें पुर्नजीवित करना है, उन्हें उगाना है और स्वस्थ बनाना है. तो क्या किया जाये. एक ऐसी ही तकनीक है मियावाकी. यह वनरोपण की एक विशेष जापानी तकनीक है, जिसके सहारे वन विकसित किया जा सकता है. यह 10 गुना तेज़ी से उगता है और 30 प्रतिशत से भी ज़्यादा घना होता है. इस तकनीक को जापानी वनस्पति शास्त्री अकीरा मियावाकी ने विकसित किया है. पौधों को पास-पास उगाकर घना वेज़ीटेशन किया जाता है.

इसी बीच इनर व्हील क्लब ऑफ कलकत्ता मेट्रो मैदान (डिस्ट्रिक्ट 329) और ग्रीन लाइफ फाउंडेशन एक साथ मिलकर राजारहाट में मियावाक़ी पद्धति अपनाकर जंगल विकसित करने का बीड़ा अपने कंधों पर उठा लिया है. इस प्रोजेक्ट को सम्पूर्ण रुप से एनकेडीए सहयोग कर रहे हैं. आज इसका उद्घाटन बिधाननगर म्युनिसिपल कार्पोरेशन की मेयर श्रीमती कृष्णा चक्रवर्ती के हाथों हुआ .
मौके पर संस्था की अध्यक्ष नीतू जालान ने कहा, कुल मिलाकर 8000 वर्ग फुट क्षेत्र में पेड़ लगाए जाएंगे. देसी पेड़ों को यहां लगाया जाएगा. मसलन सर्ब, बुशेस इत्यादि.
उन्होंने आगे कहा, अमूमन 20 साल में वन तैयार हो जाएगा.
वहीं बिधाननगर म्युनिसिपल कारपोरेशन की चैयरमेन श्रीमती कृष्णा चक्रवर्ती ने कहा, यह धरती हमारी मां है और इसे हम सबको मिलकर बचाना होगा. इनर व्हील क्लब ऑफ कलकत्ता मेट्रो मैदान (डिस्ट्रिक्ट 329) जो काम कर रहे हैं वह अत्यंत सराहनीय है. राज्य सरकार की ओर से जितना हो पायेगा वह इनके लिए किया जाएगा.

वही विनोद लाहोटी, ने कहा, चूंकि यह क्लब महिला सदस्यों को लेकर बनी है इसलिए इनको मैं एडमिनिस्ट्रेटिव सपोर्ट दे रहा हूं.
दूसरी तरफ पूजा अग्रवाल, प्रतिनिधि, श्याम मेटालिक्स फाउंडेशन, ने कहा, अगर समाज का हर एक व्यक्ति एक-एक पौधा कंट्रीब्यूट करता है तो चीज़ें और भी आसान हो जाएंगी.

By Ramiz

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